महफूज़ रहें मुझ में ही 

असमर्थताएं, शिकायतें 

मेरी मुझसे ही 

 

यही काफ़ी है 

के शब्द ग़मी छोड़ गए 

 

सई कोरान्नेखांडेकर 

Comments (0)

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *